पाठ्यपुस्तक ग्राफिक डिजाइन एक कहानी- दिग्दर्षन विष्लेषण
Keywords:
दिग्दर्षन विष्लेषण, लिखित सामग्री अतिव्यापी, आवरण डिजाईन, डिजिटल प्रिंटिंग सिस्टम, ग्राफिक डिजाइन, विजुअलाइजेषनAbstract
यह अध्ययन उच्चतर माध्यमिक स्तर पर सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, और निजी विद्यालयों के अध्यापकों की ललित कला की पाठ्यपुस्तक ग्राफिक डिजाइन एक कहानी- दिग्दर्षन विष्लेषण पर आधारित है। इस अध्ययन में प्रश्नावली के माध्यम से पाठ्यपुस्तक के दिग्दर्षन पर अध्यापकों की प्रतिकियाएं प्राप्त की गई, जिसके आधार पर पुस्तक के विश्लेषण में पाया गया कि पाठ्यपुस्तक सभी मानक बिदुओं जैसेः शीर्षक रेखा अन्य विषयवस्तु से भिन्न एवम् बड़ा है, गतिविधियों के निर्देश सामग्री से अलग बोल्ड या बड़े अक्षर के आकार में है, दो रेखाओं के मध्य में पर्याप्त दूरी, पाठ्यपुस्तक में लिखित सामग्री अतिव्यापी ¼Overlapping½ होते हुए भी पठनीय है, दृश्य लिखित जानकारी को उच्चस्तर तक उर्जा के रुप में संवाहक का कार्य करता है, दृष्य छवियाँ अध्याय की कल्पना को बढ़ाती है, विषयवस्तु की प्रकृति को उभारने के लिए सापेक्ष प्रकाश और छाया का सही उपयोग, पृष्ठ का उपयोग पूर्ण रुप से किया गया है, जिससे शब्दों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सके, पुस्तक में नकारात्मक स्थान सामग्री पर उचित ध्यान केन्द्रित और अनिवार्य करता है, प्रत्येक पृष्ठ में अनुपात, विषय वाक्यों और दृश्यों को समायोजित करने का प्रयास किया गया है, विभिन्न रंगों के शीर्षकों का उपयोंग करके गतिविधियों के बीच की सीमाओं को दर्षाया गया, आवरण डिज़ाईन आकर्षक और सौन्दर्ययत्मक ढंग तरह से तैयार किया गया है, शब्द और चित्रों को विशिष्ट स्थान दिया गया ह, पाठ्यपुस्तक के पृष्ठों के रंगों की संरचना में सामन्जस्यता है, उच्च गुणवत्ता वाले मुद्रण और जिल्द के लिए उच्च स्तर के उपकरण और तकनीक का प्रयोग किया गया है, पाठ्यपुस्तक का डिज़ाइन, संयोजन और आवरण छात्रों में जिज्ञासा उत्पन्न करता है, आदि पर आंषिक रुप से अनिष्चित और असहमत है, अर्थात पाठ्यपुस्तक शतप्रतिषत अध्यापकों की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती।